इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
गीता सत्ययोग’ श्रीमद्भगवद्गीता पर एक टीका या व्याख्या श्रृंखला का पहला भाग है, जो गीता को ‘सत्य के योग’ के रूप में प्रस्तुत करती है। इसमें यह दर्शाया गया हो सकता है कि गीता का सच्चा संदेश सत्य को जानना और उसे अपने जीवन के हर कर्म में उतारना है। यह व्याख्या गीता के श्लोकों को एक विशेष दार्शनिक दृष्टिकोण से विश्लेषित करती है, जो पाठकों को सत्य पर आधारित जीवन जीने के लिए प्रेरित करती है।
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