इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह पुस्तक भारत के ग्रामीण समाज की संरचना, विशेषताओं और गतिशीलता का समाजशास्त्रीय विश्लेषण प्रस्तुत करती है। इसमें ग्रामीण जीवन के विभिन्न पहलुओं जैसे कि जाति व्यवस्था, परिवार, विवाह, भूमि स्वामित्व, कृषि संबंध और पंचायती राज का गहन अध्ययन किया गया है। पुस्तक में आधुनिकीकरण और वैश्वीकरण के कारण ग्रामीण समाज में हो रहे परिवर्तनों और चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला गया है। यह समाजशास्त्र के छात्रों, शोधकर्ताओं और उन सभी के लिए उपयोगी है जो भारतीय गांव के सामाजिक ताने-बाने को गहराई से समझना चाहते हैं। यह ग्रामीण भारत की एक जीवंत और यथार्थवादी तस्वीर पेश करती है।
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