इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह पुस्तक महान राजा, कवि और योगी भर्तृहरि के प्रेरणादायक जीवन-चरित्र पर आधारित है। इसमें उनके एक विलासी राजा से एक विरक्त योगी बनने की प्रसिद्ध कहानी का वर्णन है। पुस्तक में उनके द्वारा रचित तीन प्रसिद्ध शतकों – ‘नीति शतक’, ‘श्रृंगार शतक’ और ‘वैराग्य शतक’ – के महत्व और दर्शन पर भी प्रकाश डाला गया है। यह कृति एक ऐसे महापुरुष की गाथा है जिसने राज-पाट त्यागकर ज्ञान और वैराग्य का मार्ग अपनाया, और जिनका जीवन आज भी हमें प्रेरित करता है।
फ़ॉर्मेट बदलना
क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।
ई-रीडर पर भेजें
आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।
कोई दिक्कत आ रही है?
चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।