इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह अकबर और बीरबल की न्याय-बुद्धि से जुड़ी एक प्रसिद्ध कहानी का सचित्र संस्करण है। कहानी में, एक गरीब आदमी को एक लालची मिठाई की दुकान के मालिक द्वारा अदालत में लाया जाता है। दुकानदार का आरोप है कि गरीब आदमी हर दिन उसकी दुकान पर आकर मिठाइयों की ‘मीठी गंध’ का आनंद लेता है, इसलिए उसे उसकी कीमत चुकानी चाहिए। बीरबल गरीब आदमी से कुछ सिक्के मंगवाते हैं, उन्हें जमीन पर खनखनाते हैं, और दुकानदार से कहते हैं, “जिस तरह इस आदमी ने तुम्हारी मिठाइयों की केवल गंध ली है, उसी तरह तुम इन सिक्कों की केवल आवाज ले लो”। यह कहानी सूक्ष्म और बुद्धिपूर्ण न्याय का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
फ़ॉर्मेट बदलना
क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।
ई-रीडर पर भेजें
आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।
कोई दिक्कत आ रही है?
चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।