इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह पुस्तक रीतिकाल के प्रसिद्ध कवि ‘देव’ (देवदत्त द्विवेदी) के जीवन, व्यक्तित्व और उनके काव्य पर एक आलोचनात्मक अध्ययन प्रस्तुत करती है। इसमें महाकवि देव की काव्यगत विशेषताओं, जैसे कि उनका श्रृंगार वर्णन, नायिका भेद, अलंकार योजना और भाषा-शैली का गहन विश्लेषण किया गया है। यह ग्रंथ उनके प्रमुख काव्यों जैसे ‘भावविलास’, ‘अष्टयाम’ और ‘रस-विलास’ की समीक्षा करता है और हिंदी साहित्य में उनके स्थान को निर्धारित करता है। यह कृति हिंदी साहित्य के छात्रों, शोधकर्ताओं और उन सभी के लिए उपयोगी है जो रीतिकाल के इस प्रतिभाशाली कवि को गहराई से समझना चाहते हैं।
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