इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह 16वीं सदी के पोलिश खगोलशास्त्री, निकोलस कोपरनिकस, की जीवनी है, जिन्होंने आधुनिक खगोल विज्ञान में क्रांति ला दी। उस समय, यह माना जाता था कि पृथ्वी ब्रह्मांड का केंद्र है (भूकेंद्रीय मॉडल)। कोपरनिकस ने अपनी युगांतकारी पुस्तक “डी रिवॉल्यूशनिबस ऑर्बियम कोएलेस्टियम” में यह साहसिक सिद्धांत प्रस्तावित किया कि सूर्य ब्रह्मांड का केंद्र है और पृथ्वी सहित सभी ग्रह उसकी परिक्रमा करते हैं (सूर्य-केंद्रित मॉडल)। यह पुस्तक उनके जीवन, उनके अवलोकनों, और उस वैज्ञानिक क्रांति की शुरुआत का वर्णन करती है जिसे ‘कोपरनिकन क्रांति’ के नाम से जाना जाता है।
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