Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home3/indiaq2f/indiankitab.com/wp-includes/functions.php on line 6131
सम्पूर्ण गाँधी वाड्मय [भाग १७] - Sampurn Gandhi Vangmay [Bhag 17] - Book
IndianKitab

सम्पूर्ण गाँधी वाड्मय [भाग १७] – Sampurn Gandhi Vangmay [Bhag 17] – Book

आपको यह बुक पसंद है? [ 0 / 0 ]

पुस्तक विवरण

यह ‘सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय’ का सत्रहवाँ खंड है, जिसमें महात्मा गांधी के लेखों, पत्रों और भाषणों का संग्रह है। यह खंड 1920 की अवधि को कवर करता है, जो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण मोड़ था। इसमें असहयोग आंदोलन की शुरुआत, खिलाफत आंदोलन के साथ उसके जुड़ाव, और ‘इंडियन ओपिनियन’ तथा ‘यंग इंडिया’ में लिखे गए उनके प्रभावशाली लेख शामिल हैं। यह गांधीजी की रणनीति और उस समय के राजनीतिक माहौल को समझने के लिए एक प्राथमिक स्रोत है।

लेखकों और पुस्तकालयों का सहयोग करें। अगर आपको यह किताब पसंद आई है और आपके लिए संभव हो, तो इसकी एक प्रिंट कॉपी खरीदें या सीधे लेखक की आर्थिक मदद करें। आप अपने नज़दीकी पुस्तकालय में जाकर भी इस पुस्तक को मुफ़्त में पढ़ सकते हैं।

ज़रूरी सॉफ्टवेयर

इस ई-बुक को पढ़ने के लिए आपको एक रीडर ऐप की ज़रूरत होगी। आप मोबाइल के लिए ReadEra या कंप्यूटर के लिए Calibre जैसे फ्री ऐप इस्तेमाल कर सकते हैं।

फ़ॉर्मेट बदलना

क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।

ई-रीडर पर भेजें

आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।

कोई दिक्कत आ रही है?

चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।