इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह ‘सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय’ का 71वां खंड है, जो महात्मा गांधी के लेखनी और वाणी का एक प्रामाणिक संग्रह है। इस श्रृंखला के प्रत्येक खंड की तरह, यह खंड भी एक विशिष्ट कालखंड के दौरान गांधीजी के पत्रों, लेखों, और भाषणों को प्रस्तुत करता है। यह उनके विचारों, संघर्षों और उस समय की महत्वपूर्ण घटनाओं पर उनकी प्रतिक्रियाओं का एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है। यह गांधीजी के दर्शन को उसकी संपूर्णता में समझने के लिए एक आवश्यक संसाधन है।
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