इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह ‘सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय’ का 37वां खंड है, जो महात्मा गांधी के विचारों और कार्यों का एक व्यापक संग्रह प्रस्तुत करने वाली प्रतिष्ठित श्रृंखला का हिस्सा है। इस खंड में एक विशेष अवधि के दौरान गांधीजी द्वारा लिखे गए पत्र, लेख और दिए गए भाषण शामिल हैं। यह उनके राजनीतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक चिंतन के विकास को समझने के लिए एक अमूल्य संसाधन है। यह शोधकर्ताओं, इतिहासकारों और गांधीजी के जीवन-दर्शन में रुचि रखने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए एक अनिवार्य संदर्भ ग्रंथ है।
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