इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह पुस्तक प्रसिद्ध जैन संत, ओजस्वी वक्ता ‘जैन दिवाकर’ श्री चौथमल जी महाराज का एक संक्षिप्त जीवन-परिचय है। इसमें उनके जन्म, दीक्षा, उनके द्वारा किए गए समाज सुधार के कार्यों, और जैन धर्म के प्रचार-प्रसार में उनके अपार योगदान का सार रूप में वर्णन है। यह एक छोटी पुस्तिका है जिसका उद्देश्य पाठकों को कम समय में एक महान संत के प्रेरक जीवन और उनके व्यक्तित्व की एक झलक देना है, ताकि लोग उनके जीवन से प्रेरणा प्राप्त कर सकें।
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