इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह विजयनगर के प्रसिद्ध विदूषक, तेनाली रमन, की चतुराई की कहानियों में से एक है। कहानी में, एक घमंडी और लालची पुजारी दरबार में आता है और अपनी विद्वत्ता का दिखावा करके सम्राट और अन्य दरबारियों को प्रभावित करने की कोशिश करता है। वह शायद कोई कठिन शर्त रखता है या लोगों को नीचा दिखाता है। तब तेनाली रमन अपनी अनोखी बुद्धि और हास्य-वृत्ति का प्रयोग करके उस पुजारी के पाखंड और अज्ञान को इस तरह उजागर करते हैं कि उसका घमंड चूर-चूर हो जाता है और उसे अपनी गलती का एहसास होता है। यह कहानी सच्चे ज्ञान और विनम्रता के महत्व पर प्रकाश डालती है।
फ़ॉर्मेट बदलना
क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।
ई-रीडर पर भेजें
आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।
कोई दिक्कत आ रही है?
चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।