इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
वैराग्य प्रदीप’ एक ऐसी कृति है जो ‘वैराग्य’ के मार्ग को प्रकाशित करने वाले दीपक (‘प्रदीप’) के समान है। यह पुस्तक संभवतः संसार की नश्वरता, भोग-विलास की व्यर्थता और सांसारिक संबंधों के मोह पर प्रकाश डालती है, ताकि पाठक के मन में वैराग्य की भावना जागृत हो। इसमें भर्तृहरि के ‘वैराग्यशतक’ की तरह श्लोकों, पदों या उपदेशों का संग्रह हो सकता है जो व्यक्ति को भौतिक जगत से अनासक्त होकर आध्यात्मिक शांति और आत्म-ज्ञान की ओर मुड़ने के लिए प्रेरित करते हैं। यह साधकों के लिए एक प्रेरणादायक ग्रंथ है।
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