इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
वेदान्तदर्शनम्’ शीर्षक से यह पुस्तक भारतीय दर्शन की छह प्रमुख शाखाओं में से एक, ‘वेदांत दर्शन’ का एक समग्र अध्ययन प्रस्तुत करती है। वेदांत का अर्थ है ‘वेदों का अंत’ और यह मुख्य रूप से उपनिषदों के दर्शन पर आधारित है। इस ग्रंथ में वेदांत के आधार-स्तंभों – उपनिषद्, ब्रह्मसूत्र और श्रीमद्भगवद्गीता (प्रस्थानत्रयी) – के सिद्धांतों का विवेचन किया गया है। इसमें अद्वैत, विशिष्टाद्वैत और द्वैत जैसी वेदांत की प्रमुख शाखाओं के दार्शनिक विचारों, विशेष रूप से ब्रह्म, जीव और जगत के संबंध पर, गहनता से प्रकाश डाला गया होगा।
फ़ॉर्मेट बदलना
क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।
ई-रीडर पर भेजें
आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।
कोई दिक्कत आ रही है?
चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।