इस पुस्तक के विषय
पुस्तक सार
यह पुस्तक मदुरै की अधिष्ठात्री देवी, देवी मीनाक्षी, को समर्पित स्तोत्रों का एक संग्रह है, और यह उसका प्रथम भाग है। देवी मीनाक्षी को देवी पार्वती का ही एक स्वरूप माना जाता है। इस संग्रह में आदि शंकराचार्य द्वारा रचित “मीनाक्षी पंचरत्नम्” जैसे प्रसिद्ध स्तोत्रों के साथ-साथ अन्य कवियों द्वारा रचे गए स्तोत्र भी शामिल हो सकते हैं। इन स्तोत्रों में देवी के सुंदर स्वरूप, उनकी महिमा, उनकी करुणा और उनकी शक्ति का भक्तिपूर्ण गुणगान किया गया है। यह पुस्तक देवी मीनाक्षी के भक्तों के लिए दैनिक पूजा-पाठ और उपासना के लिए एक अत्यंत उपयोगी और पवित्र ग्रंथ है।
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