इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह डॉ. हिमांशु शेखर द्वारा रचित देवी दुर्गा की एक ‘स्तुति’ या भक्तिपूर्ण काव्य है। इसमें कवि ने अपने शब्दों में देवी दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों, उनकी शक्ति, उनकी करुणा और उनके द्वारा दुष्टों के संहार का गुणगान किया है। यह एक पारंपरिक स्तोत्र की शैली में हो सकता है या फिर यह एक आधुनिक काव्यात्मक अभिव्यक्ति हो सकती है। यह कृति कवि की देवी के प्रति व्यक्तिगत भक्ति और श्रद्धा को दर्शाती है और इसका उद्देश्य अन्य भक्तों के मन में भी भक्ति-रस का संचार करना है। यह नवरात्रि या अन्य धार्मिक अवसरों पर पाठ के लिए एक सुंदर रचना हो सकती है।
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