इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
ब्रह्मवैवर्त पुराण’ अठारह प्रमुख पुराणों में से एक महत्वपूर्ण पुराण है, जो मुख्य रूप से भगवान कृष्ण और राधा की लीलाओं और उनके दिव्य प्रेम पर केंद्रित है। इस दूसरे भाग में, कृष्ण और राधा की कथा को आगे बढ़ाया गया है, जिसमें उनके प्रेम, उनकी लीलाओं और उनके आध्यात्मिक महत्व का काव्यात्मक और भक्तिपूर्ण वर्णन है। यह पुराण राधा को एक प्रमुख देवी के रूप में स्थापित करता है और भक्ति मार्ग, विशेष रूप से कृष्ण-भक्ति को मोक्ष का सर्वोत्तम साधन मानता है। यह वैष्णव भक्तों के लिए एक अत्यंत प्रिय ग्रंथ है।
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