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समकित रत्न सार संग्रह - Samkit Ratn Saar Sangrah - Book
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समकित रत्न सार संग्रह – Samkit Ratn Saar Sangrah – Book

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पुस्तक विवरण

यह पुस्तक जैन दर्शन के एक मौलिक सिद्धांत ‘सम्यक्त्व’ या ‘समकित’ पर आधारित है। ‘समकित’ का अर्थ है सच्ची श्रद्धा या सही दृष्टिकोण, जो मोक्ष मार्ग का पहला कदम है। इस ग्रंथ में सम्यक्त्व के स्वरूप, उसके भेदों और उसे प्राप्त करने के उपायों का सार रूप में संग्रह किया गया है। यह एक मार्गदर्शिका है जो साधकों को मिथ्यात्व (गलत धारणा) से हटाकर सच्चे देव, शास्त्र और गुरु में आस्था स्थापित करने के लिए प्रेरित करती है। यह आत्म-कल्याण के इच्छुक लोगों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उपयोगी कृति है।

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