इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह ‘नागरी प्रचारिणी पत्रिका’ का एक अंक है, जो हिंदी भाषा और साहित्य के विकास को समर्पित एक ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित शोध-पत्रिका है। नागरी प्रचारिणी सभा, काशी द्वारा प्रकाशित इस पत्रिका में हिंदी साहित्य, भाषा विज्ञान, पांडुलिपि विज्ञान और इतिहास पर उच्च कोटि के शोध-पत्र और लेख प्रकाशित होते हैं। यह हिंदी के विद्वानों, शोधकर्ताओं और गंभीर पाठकों के लिए एक अनिवार्य संदर्भ स्रोत है। इस पत्रिका ने हिंदी को एक अकादमिक और बौद्धिक भाषा के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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