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प्रतिपाद्य विषय की झांकी - Pratipadya Vishay Ki Jhanki - Book
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प्रतिपाद्य विषय की झांकी – Pratipadya Vishay Ki Jhanki – Book

Pages
430 Pages
File Size
10 MB
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PDF PDF Document
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इस पुस्तक के विषय

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पुस्तक विवरण

प्रतिपाद्य विषय की झांकी’ राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त द्वारा रचित किसी बड़ी कृति का एक परिचयात्मक खंड या उससे चयनित अंशों का संग्रह हो सकता है। ‘प्रतिपाद्य विषय’ का अर्थ है मुख्य विषय या संदेश। इस पुस्तक में गुप्त जी अपने काव्य के मूल दर्शन, राष्ट्रीय चेतना, भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों की एक ‘झांकी’ या झलक प्रस्तुत करते हैं। यह पाठकों को उनकी विशाल रचना-संसार में प्रवेश करने के लिए एक संक्षिप्त और सारगर्भित परिचय प्रदान करती है।

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