इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह ‘जैन पद संग्रह’ नामक श्रृंखला का चौथा भाग है। इस श्रृंखला में विभिन्न जैन कवियों द्वारा रचित पदों, भजनों और स्तुतियों को संकलित किया गया है। कविवर ‘छानतरायजी’ के पदों पर केंद्रित यह चौथा भाग भक्ति, वैराग्य और आत्म-चिंतन के भावों से ओतप्रोत है। ये पद जैन अनुयायियों द्वारा पूजा, स्वाध्याय और धार्मिक अवसरों पर गाए जाते हैं। यह संग्रह जैन भक्ति-काव्य की समृद्ध परंपरा का एक सुंदर उदाहरण है।
फ़ॉर्मेट बदलना
क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।
ई-रीडर पर भेजें
आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।
कोई दिक्कत आ रही है?
चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।