इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
विहरमान जिन स्तवन’ जैन भक्ति साहित्य का एक महत्वपूर्ण अंग है, जिसमें वर्तमान में विदेह क्षेत्र में विचरने वाले तीर्थंकरों की स्तुति की जाती है। यह पुस्तक संभवतः बीस विहरमान तीर्थंकरों पर आधारित स्तुतियों का एक संग्रह है, या यह ‘विशि’ (बीस) तीर्थंकरों में से सातवें तीर्थंकर पर केंद्रित हो सकती है। यह एक भक्तिपूर्ण रचना है, जिसका पाठ जैन श्रद्धालु आध्यात्मिक उन्नति और पुण्य-अर्जन के लिए करते हैं।
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