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जैन दर्शन तथा साहित्य का भारतीय संस्कृति एवं विचारधारा पर प्रभाव - Jain Darshan Tatha Sahitya Ka Bhartiya Sanskriti Par Prabhav - Book
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जैन दर्शन तथा साहित्य का भारतीय संस्कृति एवं विचारधारा पर प्रभाव – Jain Darshan Tatha Sahitya Ka Bhartiya Sanskriti Par Prabhav – Book

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पुस्तक विवरण

यह एक अकादमिक शोध-प्रबंध है जो ‘भारतीय संस्कृति और विचारधारा पर जैन दर्शन तथा साहित्य के प्रभाव’ का मूल्यांकन करता है। इसमें लेखक यह विश्लेषण करता है कि अहिंसा, अनेकांतवाद और अपरिग्रह जैसे जैन सिद्धांतों ने भारतीय समाज, नैतिकता, कला, और राजनीति को किस प्रकार प्रभावित किया है। यह प्राकृत और अपभ्रंश साहित्य के विकास में जैन विद्वानों के योगदान को भी रेखांकित करता है। यह भारतीय संस्कृति के निर्माण में जैन धर्म की भूमिका पर एक महत्वपूर्ण अध्ययन है।

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