इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह ‘श्रीमद्भगवद्गीता’ का एक विशिष्ट संस्करण है, जो श्री रामानंदाचार्य द्वारा स्थापित वैष्णव संप्रदाय के दृष्टिकोण से भाष्य किया गया है। इसमें गीता के श्लोकों की व्याख्या विशिष्टाद्वैत दर्शन और राम-भक्ति के परिप्रेक्ष्य में की गई है। यह संस्करण ज्ञान, कर्म और भक्ति के बीच समन्वय स्थापित करते हुए भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण और सेवा को ही मोक्ष का सर्वोच्च मार्ग बताता है। यह रामानंदी संप्रदाय के अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है।
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