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सुश्र्लोकलाघवम - Susrlokalaghavam - Book
IndianKitab

सुश्र्लोकलाघवम – Susrlokalaghavam – Book

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132 Pages
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8 MB
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इस पुस्तक के विषय

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पुस्तक विवरण

सुश्लोकलाघवम्’ का अर्थ है ‘सुंदर श्लोकों का लाघव (संक्षिप्तीकरण)’। यह एक ऐसी कृति है जिसमें किसी बड़े ग्रंथ या जटिल विषय के ज्ञान को सुंदर और संक्षिप्त श्लोकों में प्रस्तुत किया गया है। यह संभवतः नीति, दर्शन या व्याकरण जैसे किसी विषय पर एक सार-संग्रह हो सकता है, जिसे आसानी से याद किया जा सके। यह भारतीय साहित्य की सूत्र और सार-लेखन की परंपरा का एक अच्छा उदाहरण है।

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