इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह ‘सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय’ का चौवनवाँ खंड है, जो महात्मा गांधी के लेखन और भाषणों का एक प्रामाणिक संग्रह है। यह खंड 1933 के मध्य की अवधि को कवर करता है, जब गांधीजी हरिजन आंदोलन और अस्पृश्यता निवारण के लिए पूरे देश में यात्रा कर रहे थे। इसमें उनके ‘हरिजन’ समाचार पत्र में लिखे गए लेख, उनके भाषण, और इस सामाजिक सुधार आंदोलन के दौरान उनके अनुभव और विचार शामिल हैं।
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