इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह पुस्तक हिंदी ‘काव्य’ में प्रयुक्त होने वाले ‘अलंकारों’ पर एक विस्तृत और शास्त्रीय ग्रंथ है। इसमें अनुप्रास, उपमा, रूपक, श्लेष जैसे शब्दालंकारों और अर्थालंकारों की परिभाषा, उनके भेद, और उदाहरणों सहित विस्तृत विवेचना की गई है। ‘भानु’ कवि की यह कृति कवियों और हिंदी साहित्य के विद्यार्थियों को अलंकारों के सही प्रयोग और उनकी पहचान करने में मदद करती है, जो काव्य-सौंदर्य को समझने के लिए आवश्यक है।
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