इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह एक साहित्यिक शोध ग्रंथ है जो ‘कृष्ण-काव्य’ का ‘तुलनात्मक अध्ययन’ प्रस्तुत करता है। इसमें विभिन्न भाषाओं या विभिन्न कालों के कवियों (जैसे सूरदास, मीराबाई, और विद्यापति) द्वारा रचित कृष्ण-काव्य की विषय-वस्तु, भक्ति-भावना, और काव्य-शैली की तुलना की गई है। यह अध्ययन यह समझने का प्रयास करता है कि कृष्ण का चरित्र विभिन्न कवियों की कल्पना में कैसे अलग-अलग रूप लेता है और उनकी भक्ति की अभिव्यक्तियाँ कैसे भिन्न हैं।
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