इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह पुस्तक ‘श्रमण संस्कृति’ की गोद या ‘अंचल में’ एक यात्रा है। श्रमण संस्कृति भारत की वह प्राचीन परंपरा है जिसमें तप, त्याग, और आत्म-ज्ञान पर जोर दिया जाता है, और जिसमें जैन और बौद्ध धर्म शामिल हैं। मुनि बुद्धमल्ल द्वारा लिखित यह कृति इस संस्कृति के इतिहास, उसके मूल सिद्धांतों (जैसे अहिंसा), और भारतीय समाज पर उसके गहरे प्रभाव का एक श्रद्धापूर्ण और विद्वत्तापूर्ण अवलोकन प्रस्तुत करती है।
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