इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह जैन श्वेतांबर आगम साहित्य के सबसे महत्वपूर्ण और विशाल ग्रंथों में से एक, ‘व्याख्याप्रज्ञप्ति सूत्र’ (जिसे ‘भगवती सूत्र’ भी कहते हैं) का तीसरा खंड है। यह ग्रंथ प्रश्नोत्तर शैली में है, जिसमें इंद्रभूति गौतम भगवान महावीर से जीव, अजीव, कर्म और ब्रह्मांड के बारे में हजारों गहन प्रश्न पूछते हैं। यह तीसरा खंड उस विशाल संवाद को जारी रखता है और जैन तत्वमीमांसा तथा दर्शन का एक विश्वकोश प्रस्तुत करता है।
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