इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह अठारह महापुराणों में से एक ‘अग्नि पुराण’ का पहला खंड है। यह एक विश्वकोशीय प्रकृति का पुराण है, जिसमें विषयों की एक विशाल श्रृंखला शामिल है। भगवान अग्नि द्वारा ऋषि वशिष्ठ को सुनाए गए इस पुराण में अवतार कथाओं के साथ-साथ पूजा-विधि, ज्योतिष, व्याकरण, काव्यशास्त्र, और आयुर्वेद जैसे अनेक लौकिक और पारलौकिक विषयों का भी वर्णन है। इसे ‘भारतीय संस्कृति का विश्वकोश’ भी कहा जाता है।
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