इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह पुस्तक जैन धर्म के सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल ‘श्री सम्मेद शिखर जी’ की महिमा और महत्व का वर्णन करती है। इसी पर्वत पर बीस तीर्थंकरों और अनगिनत मुनियों ने तपस्या करके मोक्ष प्राप्त किया था। इस ग्रंथ में इस पवित्र पर्वत का पौराणिक और ऐतिहासिक विवरण, प्रत्येक ‘टोंक’ (शिखर) का महत्व और यहां की यात्रा करने की विधि तथा उसके पुण्य-फल का वर्णन किया गया है। यह पुस्तक जैन श्रद्धालुओं के लिए एक भक्तिपूर्ण मार्गदर्शिका है, जो उनके मन में इस महातीर्थ के प्रति श्रद्धा और भक्ति को और भी गहरा करती है।
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