इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह ‘गुरुकुल पत्रिका’ का फरवरी-मार्च 1968 का अंक है। यह पत्रिका गुरुकुल कांगड़ी जैसे किसी संस्थान से जुड़ी एक अकादमिक और सांस्कृतिक पत्रिका है, जो आर्य समाज के सिद्धांतों और वैदिक संस्कृति के प्रचार-प्रसार को समर्पित है। इस अंक में वेद, संस्कृत, भारतीय इतिहास, और सामाजिक सुधार जैसे विषयों पर विद्वानों द्वारा लिखे गए लेख, शोध-पत्र और समीक्षाएं शामिल होंगी।
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