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कल्याण [ वर्ष ५४ ] [ संख्या १ ] [ 1980 ] [ निष्काम कर्मयोगाङ्क ] - Kalyan [ Year 54 ] [ No. 1 ] [ 1980 ] [ Nishkam Karmayoganka ] - Book
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कल्याण [ वर्ष ५४ ] [ संख्या १ ] [ 1980 ] [ निष्काम कर्मयोगाङ्क ] – Kalyan [ Year 54 ] [ No. 1 ] [ 1980 ] [ Nishkam Karmayoganka ] – Book

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पुस्तक विवरण

यह गीताप्रेस, गोरखपुर की प्रसिद्ध पत्रिका ‘कल्याण’ का जनवरी 1980 का अंक है, जो एक ‘निष्काम कर्मयोग’ पर केंद्रित विशेष अंक है। इसमें श्रीमद्भगवद्गीता के केंद्रीय सिद्धांत, ‘निष्काम कर्म’ (फल की इच्छा के बिना कर्म करना), पर विभिन्न संतों और विद्वानों के लेख, चिंतन और कहानियाँ शामिल हैं। यह अंक पाठकों को अपने दैनिक जीवन में कर्मयोग के सिद्धांत को अपनाने और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है।

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