इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
नीलकंठ भट्ट द्वारा रचित ‘प्रायश्चितमयूख’ उनके विशाल ग्रंथ ‘भगवन्तभास्कर’ का दसवां भाग (‘मयूख’) है, जो धर्मशास्त्र पर एक प्रामाणिक कृति है। यह खंड विशेष रूप से ‘प्रायश्चित’ के विषय पर केंद्रित है। इसमें विभिन्न प्रकार के पापों या धर्म-विरुद्ध आचरणों के लिए निर्धारित किए गए प्रायश्चित, शुद्धिकरण और दंड के विधानों का विस्तृत विवेचन है। यह हिंदू धर्मशास्त्र की स्मृति परंपरा का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जो सामाजिक और धार्मिक नियमों को समझने के लिए विद्वानों द्वारा अध्ययन किया जाता है।
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