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चतुर्विंशतिका स्तुति - Chaturvinshatika Stuti - Book
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चतुर्विंशतिका स्तुति – Chaturvinshatika Stuti – Book

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पुस्तक विवरण

सुधर्मसागर मुनि द्वारा रचित ‘चतुर्विंशतिका स्तुति’ जैन धर्म के चौबीस तीर्थंकरों की स्तुति में लिखा गया एक भक्तिपूर्ण स्तोत्र है। ‘चतुर्विंशति’ का अर्थ है चौबीस। इस स्तोत्र में प्रत्येक तीर्थंकर के नाम, उनके गुणों और उनके द्वारा दिए गए उपदेशों का काव्यात्मक रूप में स्मरण और वंदन किया गया है। इस प्रकार की स्तुतियां भक्तों के लिए अपनी श्रद्धा प्रकट करने और चौबीस तीर्थंकरों के आदर्शों से प्रेरणा लेने का एक माध्यम होती हैं। यह कृति भक्ति और काव्य का एक सुंदर संगम है, जो आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है।

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