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समयमातृका - Samayamatrika - Book
IndianKitab

समयमातृका – Samayamatrika – Book

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190 Pages
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3 MB
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इस पुस्तक के विषय

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पुस्तक विवरण

महाकवि क्षेमेन्द्र द्वारा रचित ‘समयमातृका’ प्राचीन भारतीय साहित्य की एक अनूठी व्यंग्यात्मक कृति है। यह एक वेश्या के जीवन के माध्यम से तत्कालीन समाज के विभिन्न पहलुओं, पाखंडों और भ्रष्टाचार पर तीखा कटाक्ष करती है। इसमें कलावती नामक एक वेश्या की कहानी है, जो अपने अनुभवों से समाज के धनी, शक्तिशाली और पाखंडी लोगों के चरित्र को उजागर करती है। यह पुस्तक न केवल उस समय के सामाजिक जीवन का जीवंत चित्रण करती है, बल्कि अपनी व्यंग्यात्मक शैली और यथार्थवादी प्रस्तुति के लिए भी जानी जाती है।

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