इस पुस्तक के विषय
पुस्तक सार
श्री नृसिंह स्तुति’ भगवान विष्णु के चौथे अवतार, भगवान नृसिंह, को समर्पित स्तोत्रों या भजनों का एक संग्रह है। भगवान नृसिंह ने अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए एक खंभे से प्रकट होकर राक्षस राजा हिरण्यकशिपु का वध किया था। उनकी स्तुति भय, संकट, और शत्रुओं से रक्षा के लिए की जाती है। इस संग्रह में आदि शंकराचार्य द्वारा रचित ‘लक्ष्मी-नृसिंह करावलम्ब स्तोत्रम्’ या ‘ऋणमोचन नृसिंह स्तोत्र’ जैसे प्रसिद्ध स्तोत्र शामिल हो सकते हैं, जो भक्तों के बीच अत्यंत लोकप्रिय हैं।
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