इस पुस्तक के विषय
पुस्तक सार
“श्री पञ्चस्तवी” कश्मीर शैव दर्शन की एक महत्वपूर्ण कृति है, जिसमें देवी शक्ति की स्तुति में रचे गए पाँच स्तोत्रों (स्तवों) का संग्रह है। ये स्तोत्र अद्वैतवादी दर्शन से गहराई से ओत-प्रोत हैं और देवी को परब्रह्म की सर्वोच्च शक्ति (पराशक्ति) के रूप में चित्रित करते हैं। प्रत्येक स्तव देवी के एक विशिष्ट रूप या पहलू का वर्णन करता है, जैसे- सृष्टि, स्थिति, संहार, अनुग्रह और तिरोधान। यह कृति न केवल उच्च कोटि का भक्ति काव्य है, बल्कि यह त्रिक दर्शन के गूढ़ सिद्धांतों को भी काव्यात्मक रूप में प्रस्तुत करती है। यह शक्ति के उपासकों और कश्मीर शैव दर्शन के अध्येताओं के लिए एक अत्यंत पूजनीय और महत्वपूर्ण ग्रंथ है।
फ़ॉर्मेट बदलना
क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।
ई-रीडर पर भेजें
आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।
कोई दिक्कत आ रही है?
चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।