Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home3/indiaq2f/indiankitab.com/wp-includes/functions.php on line 6131
अष्टछाप तथा ताल्लपाक के कवियों का तुलनात्मक अध्ययन - Ashtachap Thatha Tallapaak ke Kaviyon Ka Tulnatmak Adhayayan - Book
IndianKitab

अष्टछाप तथा ताल्लपाक के कवियों का तुलनात्मक अध्ययन – Ashtachap Thatha Tallapaak ke Kaviyon Ka Tulnatmak Adhayayan – Book

आपको यह बुक पसंद है? [ 0 / 0 ]

पुस्तक सार

यह पुस्तक हिंदी के ‘अष्टछाप’ कवियों और तेलुगु के ‘ताल्लपाक’ कवियों के साहित्य का एक तुलनात्मक अध्ययन है। अष्टछाप कवि (जैसे सूरदास, नंददास) वल्लभाचार्य के शिष्य थे और कृष्ण भक्ति की सगुण धारा के प्रमुख स्तंभ थे। इसी प्रकार, ताल्लपाक कवि (जैसे అన్నमाचार्य) भी वैष्णव भक्त थे और उन्होंने भगवान वेंकटेश्वर की स्तुति में हजारों पद लिखे। यह ग्रंथ इन दोनों महान काव्य परंपराओं के बीच समानताओं और अंतरों की खोज करता है। इसमें उनके भक्ति-दर्शन, काव्य-शैली, भाषा और संगीत के तत्वों का विश्लेषण किया गया है। यह भक्ति साहित्य और तुलनात्मक भारतीय साहित्य के अध्ययन में एक महत्वपूर्ण योगदान है।

लेखकों और पुस्तकालयों का सहयोग करें। अगर आपको यह किताब पसंद आई है और आपके लिए संभव हो, तो इसकी एक प्रिंट कॉपी खरीदें या सीधे लेखक की आर्थिक मदद करें। आप अपने नज़दीकी पुस्तकालय में जाकर भी इस पुस्तक को मुफ़्त में पढ़ सकते हैं।

ज़रूरी सॉफ्टवेयर

इस ई-बुक को पढ़ने के लिए आपको एक रीडर ऐप की ज़रूरत होगी। आप मोबाइल के लिए ReadEra या कंप्यूटर के लिए Calibre जैसे फ्री ऐप इस्तेमाल कर सकते हैं।

फ़ॉर्मेट बदलना

क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।

ई-रीडर पर भेजें

आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।

कोई दिक्कत आ रही है?

चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।