इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
विजयराजेन्द्र सूरी द्वारा संकलित ‘अभिधान राजेन्द्र कोष’ जैन धर्म का सबसे बड़ा और प्रामाणिक विश्वकोश माना जाता है। यह सातवां भाग उसी विशाल ज्ञानकोश की एक कड़ी है। इसमें प्राकृत और संस्कृत भाषा के हजारों शब्दों, जैन आगमों की अवधारणाओं, सिद्धांतों, कथाओं और दार्शनिक विषयों को वर्णानुक्रम में संकलित और समझाया गया है। यह ग्रंथ जैन साहित्य और दर्शन के शोधकर्ताओं, विद्वानों और गंभीर अध्येताओं के लिए एक अनिवार्य संदर्भ स्रोत है। इसकी रचना में वर्षों का अथक परिश्रम और गहन विद्वता निहित है।
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