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आधुनिक कविता में मुक्त छन्द का विकास : निराला के विशेष सन्दर्भ में - Adhunik Kavita Mein Mukt Chhand Ka Vikas : Nirala Ke Vishesh Sandarbh Mein - Book
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आधुनिक कविता में मुक्त छन्द का विकास : निराला के विशेष सन्दर्भ में – Adhunik Kavita Mein Mukt Chhand Ka Vikas : Nirala Ke Vishesh Sandarbh Mein – Book

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पुस्तक विवरण

यह एक अकादमिक और शोधपरक ग्रंथ है, जो आधुनिक हिंदी कविता में ‘मुक्त छंद’ की उत्पत्ति और उसके विकास की यात्रा का विश्लेषण करता है। पुस्तक का मुख्य केंद्र महाप्राण सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ हैं, जिन्हें मुक्त छंद का प्रवर्तक माना जाता है। इसमें यह दर्शाया गया है कि कैसे निराला ने कविता को छंदों के पारंपरिक बंधनों से मुक्त कर उसे एक नई अभिव्यक्ति और ऊर्जा प्रदान की। यह हिंदी साहित्य के शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अध्ययन है, जो काव्य-शिल्प के इस क्रांतिकारी परिवर्तन को समझना चाहते हैं।

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