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भैमीपरिणयन्नाम नाटकम् - Bhaimiparinaya Natakam - Book
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भैमीपरिणयन्नाम नाटकम् – Bhaimiparinaya Natakam – Book

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इस पुस्तक के विषय

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पुस्तक सार

“भैमीपरिणयम्” एक संस्कृत नाटक है, जिसका शीर्षक “भैमी (दमयंती) का विवाह” है। यह नाटक महाभारत के वन पर्व में वर्णित नल और दमयंती की प्रसिद्ध प्रेमकथा पर आधारित है। नाटक का कथानक संभवतः दमयंती के स्वयंवर के आस-पास केंद्रित होगा, जहाँ देवता भी नल का रूप धारण कर उन्हें प्राप्त करने आते हैं, लेकिन दमयंती अपनी सच्ची निष्ठा और प्रेम से नल को ही पहचान कर उनका वरण करती है। इस नाटक में श्रृंगार रस की प्रधानता होगी और इसमें पात्रों के प्रेम, उनकी परीक्षा और अंत में उनके मिलन का सुंदर काव्यात्मक और नाटकीय चित्रण किया गया होगा। यह संस्कृत नाट्य परंपरा की एक उत्कृष्ट कृति है।

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