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बृहत कल्प सूत्रम भाग 4 - brihat Kalpa Sutra Bhag 4 - Book
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बृहत कल्प सूत्रम भाग 4 – brihat Kalpa Sutra Bhag 4 – Book

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पुस्तक विवरण

बृहत्कल्पसूत्र’ जैन आगम के छह ‘छेदसूत्रों’ में से एक प्रमुख ग्रंथ है, जिसमें जैन साधु-साध्वियों के आचार-नियमों और प्रायश्चित-विधि का विस्तृत विवेचन है। यह पुस्तक इसी विशाल सूत्र-ग्रंथ का चौथा भाग है, जिसमें मूल प्राकृत पाठ के साथ उसकी व्याख्या प्रस्तुत की गई है। यह जैन संघ की व्यवस्था और अनुशासन को समझने के लिए एक मौलिक और प्रामाणिक स्रोत है, जो विशेष रूप से साधु-समुदाय और विद्वानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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