इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
चरचाशतक’ संभवतः सौ पदों या छंदों का एक संग्रह है जिसमें किसी दार्शनिक या धार्मिक विषय पर चर्चा या विचार-विमर्श किया गया है। ‘शतक’ का अर्थ है सौ। यह कृति प्रश्नोत्तर शैली में हो सकती है या किसी विशेष सिद्धांत की व्याख्या करने वाले सौ दोहों का संकलन हो सकती है। कविवर धनात राय जी की यह रचना संभवतः जैन दर्शन के किसी गूढ़ विषय पर प्रकाश डालती है, जो पाठकों को चिंतन और मनन के लिए प्रेरित करती है। यह गहन विचारों को संक्षिप्त और काव्यात्मक रूप में प्रस्तुत करने का एक प्रयास है।
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