इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह एक साहित्यिक शोध-प्रबंध है जो प्रसिद्ध हिंदी कवि डॉ. हरिवंश राय बच्चन के काव्य का ‘काव्य-शास्त्रीय’ दृष्टिकोण से अध्ययन करता है। इसमें बच्चन जी की कविताओं का भारतीय और पाश्चात्य काव्यशास्त्र के सिद्धांतों, जैसे रस, अलंकार, छंद, प्रतीक, और बिंब, के आधार पर विश्लेषण किया गया है। यह कृति उनकी प्रसिद्ध रचनाओं जैसे ‘मधुशाला’ की संरचना और शैलीगत विशेषताओं का गहन परीक्षण करती है और उनकी काव्य-कला के शास्त्रीय पक्ष को उजागर करती है।
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