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गदेया (हल्बी की कहावतें, मुहावरे और पहेलियाँ) - Gadeya (Halbi Kee Kahavaten, Muhavare Aur Paheliyan) - Book
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गदेया (हल्बी की कहावतें, मुहावरे और पहेलियाँ) – Gadeya (Halbi Kee Kahavaten, Muhavare Aur Paheliyan) – Book

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पुस्तक सार

यह पुस्तक छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में बोली जाने वाली ‘हल्बी’ बोली के लोक-साहित्य का एक अनमोल संकलन है। इसमें ‘गदेया’ यानी हल्बी की कहावतों, मुहावरों और पहेलियों को उनके अर्थ सहित संग्रहित किया गया है। यह कृति केवल एक संग्रह नहीं, बल्कि उस क्षेत्र के लोगों के जीवन-दर्शन, उनकी सामाजिक मान्यताओं, उनकी हास्य-वृत्ति और उनकी सांस्कृतिक जड़ों का एक जीवंत दस्तावेज़ है। कहावतें और मुहावरे पीढ़ी-दर-पीढ़ी चले आ रहे ज्ञान और अनुभव का सार होती हैं। यह पुस्तक भाषाविदों, समाजशास्त्रियों और लोक-संस्कृति में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए हल्बी समुदाय की बौद्धिक और सांस्कृतिक समृद्धि को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

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