इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
रमाकांत बेंजवाल की यह पुस्तक उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में बोली जाने वाली ‘गढ़वाली’ भाषा पर एक महत्वपूर्ण भाषाई और कोशविज्ञान (lexicographical) का कार्य है। यह गढ़वाली भाषा की ‘शब्द-संपदा’ यानी उसकी शब्दावली का एक व्यवस्थित अध्ययन और संग्रह है। इसमें गढ़वाली के उन अनूठे और विशिष्ट शब्दों को उनके अर्थ और प्रयोग के साथ संकलित किया गया होगा जो हिंदी में नहीं पाए जाते। यह पुस्तक न केवल भाषाविदों और शोधकर्ताओं के लिए एक मूल्यवान संसाधन है, बल्कि यह गढ़वाली भाषा के संरक्षण और उसके मानकीकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण योगदान है।
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