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गीता -नवनीत - Geeta - Navneet - Book
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गीता -नवनीत – Geeta – Navneet – Book

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पुस्तक सार

“गीता-नवनीत” का शाब्दिक अर्थ है “गीता रूपी मक्खन”। यह पुस्तक श्रीमद्भगवद्गीता के गहन और विशाल ज्ञान सागर में से चुने हुए महत्वपूर्ण श्लोकों या विचारों का एक सार संग्रह है। ‘नवनीत’ (मक्खन) की तरह, इसका उद्देश्य पाठकों को गीता के सबसे आवश्यक और जीवनोपयोगी उपदेशों को आसानी से उपलब्ध कराना है। इसमें शायद गीता के प्रत्येक अध्याय का सार, प्रमुख श्लोकों की सरल व्याख्या और उनके व्यावहारिक जीवन में अनुप्रयोग पर प्रकाश डाला गया हो। यह उन आम पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी है जिनके पास संपूर्ण गीता का अध्ययन करने का समय नहीं है, लेकिन वे उसके मूल संदेश को आत्मसात कर अपने जीवन को दिशा देना चाहते हैं।

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