Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home3/indiaq2f/indiankitab.com/wp-includes/functions.php on line 6170
गोत्रप्रवरभास्करः - Gotrapravarbhaskar - Book
IndianKitab

गोत्रप्रवरभास्करः – Gotrapravarbhaskar – Book

आपको यह बुक पसंद है? [ 0 / 0 ]

पुस्तक सार

“गोत्रप्रवरभास्करः” हिंदू सामाजिक संरचना के दो महत्वपूर्ण स्तंभों – ‘गोत्र’ और ‘प्रवर’ – पर एक विस्तृत और प्रामाणिक ग्रंथ है। ‘गोत्र’ का संबंध एक व्यक्ति के किसी वैदिक ऋषि से पितृवंशीय वंश-परंपरा से है, जबकि ‘प्रवर’ उस गोत्र के अंतर्गत आने वाले प्रमुख ऋषियों की सूची है। यह ग्रंथ (‘भास्कर’ अर्थात् सूर्य) इस जटिल विषय पर प्रकाश डालता है। इसमें विभिन्न गोत्रों की उत्पत्ति, उनके प्रवर, और विवाह-संबंधों में सगोत्र और सप्रवर के निषेध जैसे नियमों की धर्मशास्त्रीय विवेचना की गई होगी। यह समाजशास्त्रियों, इतिहासकारों और अपनी वंश-परंपरा को समझने में रुचि रखने वाले लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ-ग्रंथ है।

लेखकों और पुस्तकालयों का सहयोग करें। अगर आपको यह किताब पसंद आई है और आपके लिए संभव हो, तो इसकी एक प्रिंट कॉपी खरीदें या सीधे लेखक की आर्थिक मदद करें। आप अपने नज़दीकी पुस्तकालय में जाकर भी इस पुस्तक को मुफ़्त में पढ़ सकते हैं।

ज़रूरी सॉफ्टवेयर

इस ई-बुक को पढ़ने के लिए आपको एक रीडर ऐप की ज़रूरत होगी। आप मोबाइल के लिए ReadEra या कंप्यूटर के लिए Calibre जैसे फ्री ऐप इस्तेमाल कर सकते हैं।

फ़ॉर्मेट बदलना

क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।

ई-रीडर पर भेजें

आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।

कोई दिक्कत आ रही है?

चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।