इस पुस्तक के विषय
पुस्तक सार
“हरिवंश”, जिसे ‘हरिवंश पुराण’ भी कहा जाता है, महाभारत का एक परिशिष्ट (खिल पर्व) माना जाता है। यह ग्रंथ मुख्य रूप से भगवान कृष्ण के वंश (यदुवंश) और उनके जीवन की उन लीलाओं पर केंद्रित है जिनका विस्तृत वर्णन महाभारत में नहीं मिलता है। इसमें कृष्ण के जन्म की अद्भुत कथा, उनकी बाल-लीलाएं (जैसे- पूतना वध, माखन चोरी), और उनकी युवावस्था के प्रसंगों का भक्तिपूर्ण और विस्तृत वर्णन है। इसके अतिरिक्त, इसमें सृष्टि की उत्पत्ति और भविष्य में होने वाले कल्कि अवतार की कथा भी शामिल है। यह वैष्णव भक्तों, विशेषकर कृष्ण-भक्तों, के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और आनंददायक ग्रंथ है।
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